गुरु पूर्णिमा
गुरुदेव का दिन। यह हर साल जुलाई के महीने में “पूर्ण-माशी” (पूर्णिमा की रात) के दिन आता है। गुरुग्राम के स्थान पर इस दिन सुबह से ही शिष्य प्रार्थना करते हैं। रूमाल में लिपटे नारियल को स्थान पर चढ़ाया जाता है जिसे “तिलक” के बाद वापस कर दिया जाता है। रूमाल साल भर सौभाग्य लाता…
