204. गुरूजी ने एक भटके हुए भक्त की दिशा बदल दी और उसके जीवन की रक्षा की।

उन दिनों जब गुरुजी ऑफिस के काम से टूअर लगाते थे तो अक्सर हिमाचल प्रदेश में ज़्यादा जाते थे। इसी तरह एक बार उन्होंने हिमाचल के एक छोटे से नगर में अपना कैम्प लगाया। कुछ दिनों बाद एक तांत्रिक जो उस इलाके में काफी प्रसिद्ध था, गुरुजी के कैम्प में आया और भक्ति के बारे…

203. गुरुजी चारू के मन में आये विचार भी जान गये।

मेरी सबसे छोटी बेटी चारू स्ट्रा की मद्द से अपनी माँ को नारियल पानी पिला रही थी। उस समय उसकी माँ, गुलशन, बहुत अस्वस्थ थी। उसके एक्सीडेन्ट को हुए करीब पाँच साल बीत गये थे। उसने अपना एक हाथ उसके सिर के नीचे रखा हुआ था और दूसरे हाथ से उसके मुँह में स्ट्रा लगा…

202. अपने गुरु के होते हुए तू दाता बन रहा है…? हाथ नीचे कर और गाड़ी चला।

यह घटना गुरुजी के रुप और उनके असीम ज्ञान का विवरण है। ऐसा उदहारण शायद ही कहीं और मिले। हर एक गुरु अपने शिष्य को ज्ञान देते हैं लेकिन इस तरह का ज्ञान जो गुरुजी ने मुझे चलती गाड़ी में दिया, शायद ही सुनने में आया हो कभी। वो ज्ञान एक शिष्य को समझाने के…

201. गुरूजी एक उच्चतम् अनुशासित और बच्चों के लिए एक सुकोमल हृदय रत्न।

बड़ा वीरवार था, हमारे जीवन का एक बहुमूल्य दिवस… हर महीने की तरह, मैं सुबह-सुबह गुडगाँव पहुंचा और गुरुजी के चरण-कमल छुए। मगर आशीर्वाद के बदले गालियाँ सुनने को मिली। गुस्से में कहने लगे, “सुबह-सुबह बच्चों का दिल दुखा कर आया है..? …जा, …वापिस जा, जिसको डॉट कर आया है उसे और बाकी के सब…

200. गुरुजी ने पप्पू सरदार की कटी हुई ऊँगली का घाव ठीक कर दिया।

पप्पू-बिट्टू-गग्गु और निक्कू, यह चार लोग ऐसे थे जो गुरुजी की व्यक्तिगत सेवा में संलग्न रहते थे। लोगों से मिलकर जब गुरुजी अपने कमरे में आते तो ये उन्हें चाय वगैरह पिलाते और उनके आराम का ध्यान रखते थे। प्रतिदिन की सेवा के कारण यह चारों, गुरुजी को अति प्रिय थे। अद्भुत घटनाओं में एक…

199. जब माताजी को एक कार ने टक्कर मारी।

गुरुजी ने गुड़गाँव के सैक्टर 10-A के स्थान का निर्माण कार्य वर्ष 1986-87 में शुरु कर दिया था। एक दिन जब निर्माण कार्य चल रहा था, माताजी, चारू, रेनू, योगेश को साथ लेकर सैक्टर 10-A के निर्माण स्थल पर पहुंची। गाड़ी योगेश चला रहा था। गुरुजी की बड़ी बेटी रेनू ने ड्राईवर से उसे ड्राईविंग…

198. गुरुजी ने तिवारी से कहा, “रहने दे कागज़ अपनी जेब में, …मैं जानता हूँ उसमें क्या लिखा है।”

दिल्ली निवासी तिवारी, अस्सी के दशक से गुरुजी की भक्ति में संलग्न है। औरों की तरह वह भी बड़े गुरुवार की प्रतीक्षा करता तथा लाईन में खड़ा होकर उनके दर्शन करता और अपनी इच्छाएं व्यक्त किया करता था। लोगों की लाईन लम्बी होने के कारण गुरुजी हर एक को मिलते तो थे पर समय थोडा…

197. गुरूजी ने बिटू की तरफ देखा और उसकी उदासी का कारण पूछा।

यह बात करीब 1987 की है जब बिटू गुरुजी के कमरे में आया तो वह परेशान लग रहा था। हालाँकि गुरुजी सबकुछ जानते थे लेकिन फिर भी सरलता से उसकी परेशानी का कारण पूछा। बिटू ने ऊपर देखा और कहा कि वह अपनी व्यापारिक समस्या के कारण परेशान है। कहने लगा कि उसने किसी को…

196. न्यूयार्क के गोपाल को उसका खोया हुआ जेवरों का बैग, वापिस मिल गया –चंद मिनटों में…

जेवरों का व्यापारी गोपाल किसी दूसरे शहर में नुमाईश के अभिप्राय से न्यूयार्क से रवाना हुआ। नुमाईश हेतु बहुत सारे जेवर एक बड़े से कंधे वाले बैग में भर कर हवाई जहाज़ की लग्गेज केबिन में रख कर निश्चित हो गया। दूसरे शहर में जहाज़ पहुंचा और गोपाल ने उठ कर अपना बैग लिया और…

195. माताजी ने दो मार्च 2010 को एक आध्यात्मिक दिव्य दृश्य देखा।

2 मार्च 2010, सैक्टर-7, गुड़गाँव….. माताजी अपने कमरे में बैठी हुई थी। मैं उनके दर्शन पाकर धन्य हो रहा था। उनकी उपस्थिति मात्र से मैं परम आनन्दित हो रहा था। तभी उन्होंने मुझे चाय का प्रसाद दिया और कहने लगी… “राज्जे, किसी ने एक लड़के को भेजा था और वो कहने लगा कि उसे यहाँ…